रायपुर। राजधानी में प्रस्तावित दिव्य दरबार को लेकर अनुमति का विवाद सामने आया है। मां मातंगी दिव्यधाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमासाईं महाराज ने पुलिस-प्रशासन पर धार्मिक आयोजनों की अनुमति देने में भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें आयोजन की अनुमति नहीं मिली तो वे अन्न त्याग कर प्रदर्शन करेंगे।
प्रेमासाईं महाराज के मुताबिक, 24 से 28 अक्टूबर तक गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में पांच दिवसीय दिव्य दरबार प्रस्तावित है। आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम पूरी तरह निशुल्क होगा और इसमें देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। अनुमान के मुताबिक 35 से 40 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
बागेश्वर धाम का उदाहरण देकर उठाए सवाल
महाराज ने सवाल उठाया कि जब बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रमों में दिव्य और प्रेत दरबार आयोजित किए जाते हैं, तो स्थानीय संतों के आयोजन को अनुमति देने में आपत्ति क्यों है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आयोजनों के लिए नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
महाराज ने कहा कि यदि प्रशासन को इस बार आयोजन की अनुमति देने में कोई आपत्ति है तो वे उसका निर्णय स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन भविष्य में धार्मिक आयोजनों के लिए समान नियम लागू किए जाने चाहिए।
सरकार के खिलाफ नहीं, प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का दावा
प्रेमासाईं महाराज ने कहा कि उनका विरोध सरकार या मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं होगा, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली के विरोध में होगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से उन्हें आश्वासन मिला है, लेकिन प्रशासन स्तर पर अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में वे अवधपुरी मैदान में ही श्रद्धालुओं के साथ अन्न त्याग कर आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन को धार्मिक आयोजनों की अनुमति के मामले में स्पष्ट और समान नीति अपनानी चाहिए।




