दंतेवाड़ा। नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान के बीच दंतेवाड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बारसूर क्षेत्र के मंगनार, बुरदुम, तोड़मा और कोहकाबेड़ा के जंगलों में CRPF और DRG की संयुक्त टीम ने जमीन के नीचे संदूक में छिपाकर रखा गया नक्सली डंप बरामद किया है। इसमें कई हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री मिली है।
पुलिस के मुताबिक, बरामद हथियारों में एक AK-47 और एक इंसास रायफल शामिल है। जांच में सामने आया है कि ये हथियार वर्ष 2008 और 2009 में कांकेर क्षेत्र में जवानों से लूटे गए थे।
भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
सुरक्षाबलों को डंप से 1 AK-47, 1 इंसास रायफल, 6 भरमार बंदूक, 1 BGL लॉन्चर, 9 BGL सेल, 23 AK-47 मैगजीन, 5 BGL राउंड, 2 टिफिन बम और 8 कुकर बम मिले हैं। इसके अलावा 24 पिस्टन रॉड, 20 मीटर कॉर्डेक्स वायर, नक्सली वर्दी के 2 जोड़े, इंसास मैगजीन, 315 रायफल के 138 राउंड और 20 वॉकी-टॉकी सेट भी बरामद किए गए हैं।
डंप से 2 तीर बम, 20 मीटर वायर, एक मल्टीमीटर और 2 कार इनवर्टर भी मिले हैं। बरामद सामग्री को पुलिस ने सुरक्षित कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
100 लूटे हथियारों में 72 बरामद
दंतेवाड़ा पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, नक्सलियों ने अलग-अलग घटनाओं में करीब 100 हथियार लूटे थे। इनमें से अब तक 72 हथियार बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 हथियारों के अभी भी जंगलों में छिपे होने की आशंका है।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2003 में गीदम थाने से करीब 30 हथियार लूटे गए थे। इसके अलावा चोलनार ब्लास्ट समेत कई अन्य घटनाओं में 303 रायफल, इंसास और AK-47 जैसे हथियार भी नक्सलियों के हाथ लगे थे। इन हथियारों की तलाश में सुरक्षा बल जंगलों में लगातार अभियान चला रहे हैं।




