दुर्ग/पाटन। अखबार में प्रकाशित एक खबर को मोबाइल के सोशल मीडिया स्टेटस पर साझा करना एक युवक को कथित तौर पर भारी पड़ गया। खबर स्टेटस पर लगाने के बाद युवक को फोन कर गाली-गलौज करने, मारपीट करने और जान से खत्म करने की धमकी दिए जाने का आरोप है। मामले में शिकायत मिलने के बाद पाटन पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मामला ग्राम रूही का है। यहां रहने वाले परमेश्वर सिंगौर ने पाटन थाना पुलिस के साथ ही दुर्ग एसपी से शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनिल चंद्राकर के खिलाफ धारा 351(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।
खबर को स्टेटस पर किया था शेयर
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 3 सितंबर 2026 को नवभारत अखबार में “उत्कर्ष व विकास ने पेपर लीक कर वसूले 3 करोड़” शीर्षक से एक खबर प्रकाशित हुई थी। परमेश्वर ने इसी खबर को अपने मोबाइल के सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाया था।

परमेश्वर का कहना है कि खबर में जिन लोगों का उल्लेख किया गया था, उनसे उसका कोई व्यक्तिगत परिचय या विवाद नहीं है। साथ ही संबंधित ईडी मामले से भी उसका किसी तरह का संबंध नहीं है।
फोन कर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप
शिकायत के अनुसार, 4 सितंबर को दोपहर करीब 1:40 बजे परमेश्वर के मोबाइल पर एक अन्य नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर अपना नाम अनिल चंद्राकर बताया और स्टेटस लगाने को लेकर गाली-गलौज की।

परमेश्वर का आरोप है कि फोन पर उसे मारपीट करने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कॉल करने वाले ने उसे कथित तौर पर मारते-मारते थाने ले जाने की बात कही।

मामला यहीं नहीं रुका। उसी दिन रात करीब 3:10 बजे गांव के हितेंद्र पटेल ने परमेश्वर को फोन कर बताया कि अनिल चंद्राकर गांव आया है और उसे बुला रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस दौरान उसे जान से खत्म करने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई।
डर के कारण गांव छोड़ने का दावा
लगातार मिल रही कथित धमकियों से भयभीत परमेश्वर ने अपनी जान-माल को खतरा बताते हुए गांव छोड़ दिया। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत की और कथित फोन कॉल, गाली-गलौज तथा धमकी की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस फोन कॉल से जुड़े तथ्यों, संबंधित मोबाइल नंबरों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड, संबंधित नंबर और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर किसी खबर या पोस्ट को साझा करने के बाद कथित धमकी का यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




