इस बार कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बेहद शुभ ग्रह स्थिति के बीच मनाया जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन चंद्रमा, देवगुरु बृहस्पति और सूर्य देव की युति से त्रिग्रही योग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास और सफलता, बृहस्पति को ज्ञान एवं समृद्धि तथा चंद्रमा को मन और मानसिक शांति का कारक माना गया है। ऐसे में तीनों ग्रहों की एक साथ स्थिति को कई राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है।
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ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस त्रिग्रही योग का विशेष प्रभाव वृषभ, कर्क, सिंह और धनु राशि के जातकों पर पड़ सकता है। इन राशियों के जातकों को करियर, व्यापार, धन और मान-सम्मान से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई जा रही है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक दृष्टि से लाभकारी माना जा रहा है। अटका हुआ धन वापस मिलने के योग बन सकते हैं। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। वहीं, नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।
कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और जन्माष्टमी पर चंद्रमा की सूर्य व गुरु के साथ युति को शुभ माना जा रहा है। इससे जातकों के आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। परिवार और समाज में मान-सम्मान बढ़ने के साथ मानसिक तनाव से राहत मिलने की संभावना है। घर में धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम भी हो सकते हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं। ऐसे में सूर्य की गुरु और चंद्रमा के साथ युति सिंह राशि के जातकों के लिए विशेष फलदायी मानी जा रही है। कार्यक्षेत्र में नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है और पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। व्यापार में लाभ के साथ निवेश से भी फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
धनु राशि
धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। त्रिग्रही योग में गुरु की स्थिति धनु राशि के जातकों के लिए भाग्यवर्धक मानी जा रही है। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सफलता मिल सकती है। भूमि, भवन या वाहन खरीदने की इच्छा पूरी होने के योग बन सकते हैं। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी राहत मिलने की संभावना है।
जन्माष्टमी पर करें ये सरल उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री और तुलसी दल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इससे भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
नोट: राशिफल और ज्योतिषीय उपाय धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं लेना चाहिए।




