रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरकारी निवास में देर रात आयोजित हाई लेवल बैठक ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी। करीब पांच घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री, राज्य मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य और भाजपा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक देर रात लगभग दो बजे समाप्त हुई।
बैठक को लेकर दिनभर राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलें लगाई जाती रहीं। सूत्रों के अनुसार प्रदेश से बाहर या दौरे पर मौजूद कुछ मंत्रियों को भी तत्काल रायपुर बुलाया गया था, जिससे चर्चाओं को और बल मिला। हालांकि बैठक के बाद नेताओं ने इन अटकलों को खारिज कर दिया।
बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सत्ता और संगठन के बीच इस प्रकार की बैठकें नियमित रूप से आयोजित होती हैं। उन्होंने बताया कि हर तीन महीने में इस तरह की समीक्षा बैठक होती है, जिसमें संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तय की जाती है।
विजय शर्मा के मुताबिक बैठक में मंत्रियों और विधायकों के प्रभार क्षेत्रों के दौरे, जनसंपर्क अभियान और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई।
वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी बैठक को नियमित समीक्षा बैठक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक के बाद मंत्री रामविचार नेताम ने मुस्कुराते हुए कहा, “सब मुस्कुराइए, सब सेफ है और छत्तीसगढ़ सेफ है।” उन्होंने कहा कि बैठक को लेकर लगाए जा रहे सभी राजनीतिक कयास निराधार साबित हुए हैं।
वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बैठक में मंत्रियों और विधायकों के कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें प्रभार क्षेत्रों के दौरे, केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार, प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों पर चर्चा की गई।
हालांकि बैठक को लेकर दिनभर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं चलती रहीं, लेकिन बैठक समाप्त होने के बाद भाजपा नेताओं ने इसे सत्ता और संगठन के बीच समन्वय और समीक्षा के लिए आयोजित नियमित बैठक बताया। इसके बावजूद देर रात तक चली इस बैठक ने प्रदेश की राजनीति में उत्सुकता और चर्चाओं का माहौल बनाए रखा।