रायपुर, 03 जून। Khelo India : खेलो इंडिया जनजातीय खेल में मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को अब तक उनकी घोषित पुरस्कार राशि नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 3 अप्रैल को समापन समारोह में खिलाड़ियों के लिए लाखों रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी, लेकिन 60 दिन बीत जाने के बाद भी खिलाड़ियों के खाते खाली हैं।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में गोल्ड जीतने वालों को ₹2 लाख, सिल्वर पर ₹1.5 लाख और ब्रॉन्ज पर ₹1 लाख देने का ऐलान किया गया था। वहीं टीम इवेंट्स में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज विजेताओं को क्रमशः ₹1 लाख, ₹75 हजार और ₹50 हजार प्रति खिलाड़ी देने की घोषणा हुई थी।
लेकिन अब यह पूरी योजना नियमों और बजटीय प्रावधानों के जाल में फंस गई है। खेल विभाग ने खिलाड़ियों को राशि देने के लिए फाइल वित्त विभाग को भेजी, लेकिन वित्त विभाग ने इसे वापस लौटा दिया। तर्क दिया गया कि वर्तमान योजनाओं में ट्राइबल गेम्स के पदक विजेताओं को इस तरह पुरस्कार देने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है और अलग से बजट भी स्वीकृत नहीं किया गया है।
CM की घोषणा और पुराने नियमों में टकराव
मौजूदा ‘छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना’ के तहत राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तय सीमा तक ही राशि देने का प्रावधान है। वर्तमान नियमों में गोल्ड मेडल पर अधिकतम ₹75 हजार तक की सहायता का प्रावधान है, जबकि मुख्यमंत्री ने इससे कई गुना अधिक राशि घोषित कर दी थी।
इसके अलावा वर्तमान योजना उम्र आधारित कैटेगरी पर काम करती है, जबकि ट्राइबल गेम्स ओपन कैटेगरी में आयोजित हुए थे। वहीं टीम गेम्स में भी मौजूदा नियम “टीम” नहीं बल्कि ‘खिलाड़ी आधारित’ भुगतान की बात करते हैं।
खिलाड़ियों की नाराजगी बढ़ी
स्विमिंग में चार सिल्वर जीतने वाली अनुष्का भगत ने कहा कि विभाग की ओर से अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि ‘कोचिंग, डाइट और ट्रेनिंग का खर्च लगातार बढ़ रहा है। समय पर राशि मिलती तो काफी मदद होती।’
वहीं स्विमिंग में दो कांस्य जीतने वाले निखिल ने कहा कि अगले महीने नेशनल एक्वाटिक चैंपियनशिप है और तैयारी के लिए आर्थिक मदद जरूरी थी। उन्होंने कहा कि ‘अगर राशि समय पर मिलती तो तैयारी बेहतर हो पाती।’
वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी लकी बाबू मरकाम ने बताया कि सप्लीमेंट और प्रोटीन का खर्च उठा पाना मुश्किल हो रहा है। ‘एक महीने सप्लीमेंट लेते हैं, फिर कई महीने गैप करना पड़ता है।’
विभाग बोला- जल्द होगा समाधान
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम ने बताया कि नियम संशोधन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और फाइल जल्द दोबारा वित्त विभाग को भेजी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि खिलाड़ियों को जल्द उनकी पुरस्कार राशि मिल सकेगी।



