रायपुर : बस्तर के सुकमा जिले में एक बार फिर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। तोंगपाल थाना क्षेत्र के साडरापाल गांव में प्रार्थना सभा के दौरान विवाद के बाद ग्रामीण और ईसाई समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि, मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। ईसाई संगठन इसे प्रार्थना सभा पर हमला बता रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला जमीन विवाद से जुड़ा नजर आ रहा है।
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मामला सुकमा जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र के ग्राम साडरापाल का है, जहां रविवार को हिंसक झड़प के बाद तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी के मुताबिक विवाद के दौरान कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद इलाके में चर्चा और तनाव दोनों बढ़ गए हैं।
ईसाई समुदाय और संगठनों का आरोप है कि गांव में चल रही प्रार्थना सभा के दौरान कुछ ग्रामीणों के समूह ने हमला किया, जिसमें कई लोगों को चोटें आईं। वहीं स्थानीय स्तर पर इस पूरे मामले को कथित धर्मांतरण और मतांतरण गतिविधियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर पहले भी समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं।
हालांकि पुलिस का पक्ष इससे अलग है। तोंगपाल थाना पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला जमीन और आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने प्रार्थी हिडमा कवासी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह साफ हो सकेगी।
फिलहाल साडरापाल गांव में हालात पर नजर रखी जा रही है। पुलिस जांच जारी है और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर विवाद की असली वजह क्या निकलकर सामने आती है।



