बस्तर। गनतत्रं से गणतंत्र की ओर बस्तर। आज ऐतिहासिक रूप से बस्तर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं आयोजित बैठक प्रारंभ हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में चल रही इस उच्च स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं।
बैठक में नक्सल उन्मूलन, राज्यों के बीच खुफिया जानकारी साझा करना, आदिवासी कल्याण, अंतरराज्यीय विवादों का निपटारा, डिजिटल गवर्नेंस और रेल नेटवर्क के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हो रही है।
नक्सल मुक्त बस्तर में बैठक, मजबूत संदेश
बस्तर लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। ऐसे में यहां क्षेत्रीय परिषद की बैठक आयोजित करना केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक संदेश माना जा रहा है। यह दिखाता है कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और प्रशासनिक गतिविधियों का नया केंद्र बन रहा है।
31 मार्च 2026 को बस्तर को नक्सलवाद मुक्त घोषित किए जाने के बाद यह बैठक और भी महत्वपूर्ण हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर के लोगों को पिछले 50 सालों में जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई हम 4-5 सालों में करेंगे। उन्होंने कहा, “जब तक बस्तर विकसित नहीं हो जाता, हमारा संकल्प अधूरा रहेगा।”
बैठक के प्रमुख एजेंडे
मध्य क्षेत्रीय परिषद की इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है—
- 1नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और संयुक्त रणनीति।
- 2राज्यों के बीच इंटेलिजेंस और अपराध नियंत्रण में समन्वय।
- 3सड़क, रेल और टेलीकॉम कनेक्टिविटी का विस्तार।
- 4आदिवासी क्षेत्रों सहित इन सभी राज्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण योजनाएं।
- 5अंतरराज्यीय विवादों का समाधान
- डिजिटल गवर्नेंस और पुलिस आधुनिकीकरण।
- 6बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में विकास मॉडल को मजबूत करना
विपक्ष की आलोचना और तीखे प्रश्न
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बैठक की आलोचना करते हुए पूछा है कि जब प्रधानमंत्री पूरे देश में वर्क फ्रॉम होम और पेट्रोल-डीजल बचाने का आह्वान कर रहे हैं, तो गृह मंत्री और चार मुख्यमंत्री बस्तर आने का फैसला क्यों लिया? उन्होंने कहा कि यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी की जा सकती थी, जिससे लाखों रुपये का खर्च बचाया जा सकता था। बैज ने यह भी कहा कि बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस से बस्तर के विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर केंद्र सरकार का विजन सामने आने की उम्मीद है।