कोलकाता, 10 मई। Bengal Bureaucracy Changes : पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार बनने के साथ ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में बड़े बदलाव शुरू हो गए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर ही राज्य सचिवालय और मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़ा फेरबदल कर दिया। ममता बनर्जी सरकार से जुड़े 16 वरिष्ठ नौकरशाहों को हटा दिया गया है, जिससे राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है।
तबादला किए गए अधिकारियों में सबसे चर्चित नाम 2014 बैच के आईएएस शांतनु मुखोपाध्याय का है, जिन्हें ममता बनर्जी का करीबी माना जाता था। वहीं तृणमूल कांग्रेस से जुड़े पश्चिम बंगाल सरकारी कर्मचारी संघ के नेता प्रताप नायक का भी तबादला दार्जिलिंग जिले के बिजनबारी ब्लॉक में कर दिया गया है।
नई सरकार ने ममता बनर्जी के कार्यकाल में प्रधान सचिव स्तर पर काम कर चुके 46 अधिकारियों को फिलहाल कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग में अटैच कर दिया है। इनकी आगे की पोस्टिंग बाद में तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़े बदलाव
शपथ ग्रहण के कुछ घंटों बाद ही रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुब्रता गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया। वहीं 2017 बैच के आईएएस अधिकारी सुब्रता बाला को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का प्रधान सचिव बनाया गया है। इससे पहले वे दक्षिण 24 परगना में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे।
पुलिस महकमे में भी बड़ा फेरबदल
कोलकाता पुलिस में भी बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। उप-निरीक्षक से लेकर उपायुक्त स्तर तक के 93 अधिकारियों को शहर से बाहर ट्रांसफर कर दिया गया है। इनमें कई अधिकारी तृणमूल समर्थित पुलिस कल्याण संघ से जुड़े बताए जा रहे हैं। इन अधिकारियों को कूच बिहार, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, सुंदरबन, बांकुरा और पुरुलिया जैसे जिलों में भेजा गया है।
राहुल सिन्हा का TMC-वाम गठजोड़ पर हमला
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों पार्टियां बंगाल को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतें हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब टीएमसी और वामपंथियों दोनों से दूरी बना चुकी है और उनका साथ अब बंगाल में कोई असर नहीं डालेगा। नई भाजपा सरकार के फैसलों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बंगाल के प्रशासन और पुलिस ढांचे में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।



