रायपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने रायपुर जिले के राइस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम (FCI) और नागरिक आपूर्ति निगम में कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि शासन ने चावल जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की है।
यह भी पढ़े :- तेलंगाना में नक्सल मोर्चे पर बड़ा झटका: 47 माओवादियों का सामूहिक आत्मसमर्पण, भारी हथियार बरामद
अपर कलेक्टर ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय-सीमा में चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर 74 राइस मिलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें अनुबंध का उल्लंघन, चावल जमा नहीं करने और नियमों की अनदेखी जैसे मामलों को आधार बनाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, संबंधित मिलर्स के खिलाफ काली सूची में डालने, पंजीयन ब्लॉक करने और सक्षम न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई की भी तैयारी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि कस्टम मिलिंग आदेश 2016 का उल्लंघन आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडनीय अपराध है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन 10 मिलों में सबसे अधिक चावल जमा किया जाना शेष है, उनका भौतिक सत्यापन किया जाएगा। यदि जांच में धान की कमी या गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित मिलर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
इसके अलावा जिला विपणन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि 30 अप्रैल 2026 तक चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स की बैंक गारंटी जब्त कर वसूली की प्रक्रिया 1 मई से शुरू की जाए।
अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि समय पर लक्ष्य पूरा हो सके।



