बिलासपुर, 25 अप्रैल। CG Freedom of Religion Bill : छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवीन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि चूंकि राज्य सरकार ने अभी तक इस कानून को लागू करने की तारीख अधिसूचित नहीं की है, इसलिए इसे चुनौती देना “प्री-मैच्योर” है।
कोर्ट ने साफ किया कि जब तक सरकार आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक कानून प्रभावी नहीं माना जाएगा और उस पर सुनवाई का कोई आधार नहीं बनता। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21, 25 और 29 का उल्लंघन करता है और धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाता है।
वहीं राज्य की ओर से एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा ने दलील दी कि अधिनियम अभी लागू नहीं हुआ है, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। गौरतलब है कि यह विधेयक 19 मार्च 2026 को विधानसभा में पारित हुआ था और 6 अप्रैल को राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन (CG Freedom of Religion Bill) लागू होने की तारीख अभी तय नहीं हुई है।



