रायगढ़ । जिले के कोतरारोड थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को मात्र डेढ़ लाख रुपये में बेचने का बेहद जघन्य मामला सामने आया है। पिता की डांट से परेशान होकर घर से निकली लड़की को जॉब का लालच देकर गिरोह ने मध्य प्रदेश ले जाकर शादी के नाम पर बेच दिया। बाद में उसे फिर रायगढ़ लाकर देह व्यापार में धकेल दिया गया। पीड़िता ने 11 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि 26 नवंबर 2025 को गांव के मैदान में वह अकेली थी, तभी परिचित नाबालिग लड़की चमेली (परिवर्तित नाम) ने उसे रायगढ़ में अच्छी नौकरी दिलाने का लालच दिया और अपने साथ ले गई। महादेव मंदिर के पास गिरोह के अन्य सदस्यों से मिलवाया गया।
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दूसरे दिन आरोपियों ने नाबालिग को मध्य प्रदेश के सागर जिले ले जाकर 37 वर्षीय सुनील दीक्षित से डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय किया। सुनील की शादी नहीं हो रही थी, इसलिए आरोपियों ने पैसे लेकर नाबालिग की उसके साथ जबरन शादी करा दी।
शादी के बाद सुनील ने लड़की के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाना शुरू कर दिया। परेशान होकर नाबालिग मौका देखकर ट्रेन से रायगढ़ भाग आई, लेकिन पिता के डर से घर नहीं गई। फिर वह उसी चमेली से मिली, जिसने उसे अपने पास रखने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में उसे देह व्यापार में धकेल दिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। पीड़िता का बयान दर्ज किया गया और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
बिन्दिया रात्रे (23 वर्ष) – नाबालिग को देह व्यापार में धकेलने वाली
पूजा उर्फ बॉबी उर्फ चाची (45 वर्ष) – गिरोह की मां
चिकू खान (20 वर्ष) – बेटा
एक नाबालिग लड़की (चमेली) – जॉब का झांसा देने वाली
सुनील दीक्षित (37 वर्ष), निवासी सागर (मध्य प्रदेश) – जिसने डेढ़ लाख में नाबालिग खरीदी
पुलिस ने सुनील दीक्षित को 13 अप्रैल को छतरपुर से गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया। सभी आरोपियों को 15 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया। नाबालिग लड़की को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस ने आरोपीयों के खिलाफ BNSS की धारा 137(2), 143, 96, 98, 99, 64, 3(5) तथा POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया है।



