Chhattisgarh Liquor Scam : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले के आरोपियों सौम्या चौरसिया और के.के. श्रीवास्तव को अदालत ने सशर्त जमानत दे दी है। कोर्ट ने दोनों को पासपोर्ट जमा कराने और हर सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, एक महीने पहले सौम्या को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि, जिस दिन इस केस में चालान पेश होगा, उस दिन उन्हें रिहाई मिलेगी।
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इसी बीच, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने मामले में 9वां पूरक चालान भी अदालत में पेश किया है। यह चालान सौम्या चौरसिया, के.के. श्रीवास्तव और देवेन्द्र डडसेना के खिलाफ दाखिल किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, सौम्या चौरसिया पर अपने पद का दुरुपयोग कर कथित शराब सिंडिकेट को संरक्षण देने का आरोप है। वहीं, के.के. श्रीवास्तव पर अवैध नगदी के लेन-देन और पूरे नेटवर्क के संचालन में अहम भूमिका निभाने के आरोप लगाए गए हैं। देवेन्द्र डडसेना पर अवैध रूप से जुटाई गई रकम के संग्रहण और वितरण में सक्रिय भागीदारी का आरोप है।
EOW और ACB का दावा है कि इस सिंडिकेट में कई शासकीय और गैर-शासकीय व्यक्तियों की संलिप्तता है। एजेंसियों का कहना है कि जांच जारी है और सभी दोषियों तक कार्रवाई पहुंचाई जाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 से जुड़े इस कथित शराब घोटाले में कमीशन वसूली, नकली होलोग्राम, सप्लाई जोन में हेरफेर और अवैध धन के लेन-देन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पेश किए गए चालान में पूरे नेटवर्क का विस्तृत ब्यौरा दर्ज किया गया है। (Chhattisgarh Liquor Scam)
इस बीच, आरोपियों की रिहाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं कुछ ने इसे विवादास्पद करार दिया है। हालांकि, अदालत ने चालान पेश होने के बाद जमानत देते हुए स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों की निगरानी में आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। (Chhattisgarh Liquor Scam)



