बीजापुर। बस्तर क्षेत्र में माओवादियों का आत्मसमर्पण लगातार जारी है। इसी कड़ी में बीजापुर में 30 माओवादियों ने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इन सभी माओवादियों के सिर पर करीब 85 लाख रुपये का ईनाम घोषित था।
सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में 20 महिला और 10 पुरुष माओवादी शामिल हैं। ये सभी माओवादी फायरिंग, आईडी ब्लास्ट और आगजनी जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पण का यह कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित किया गया, जिसमें सीआरपीएफ डीआईजी देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल और उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू शामिल रहे।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी सभी को पुलिस अधिकारियों ने 50-50 हजार रुपये की नगद राशि प्रदान की। यह कदम छत्तीसगढ़ सरकार की “नियद नेल्लानार” पुनर्वास नीति और सामाजिक समेकन कार्यक्रमों से प्रभावित बताया जा रहा है।
वर्ष 2024 से अब तक कुल 918 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। वहीं वर्ष 2025 में अब तक 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सुरक्षाबलों ने 231 माओवादियों को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया है।



