रायपुर। बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित होने वाले ‘जंबूरी 2026’ को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर सियासी घमासान तेज हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और यदि आवश्यक हुआ तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जंबूरी से जुड़े कार्यों को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही शुरू कर दिया गया। पार्टी ने इस संबंध में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है।
इस पर पलटवार करते हुए मंत्री जायसवाल ने कहा कि जंबूरी जैसे बड़े आयोजन की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है और ऐसे कार्यक्रमों में कार्यों का आगे-पीछे होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। कार्यक्रम अभी संपन्न भी नहीं हुआ है, ऐसे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी और जरूरत पड़ी तो जांच के आदेश दिए जाएंगे।
मंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रायपुर के सरोना में शीघ्र ही 100 बिस्तरों वाला अस्पताल शुरू होने वाला है। रायपुर पश्चिम, सरोना और नया रायपुर-आरंग क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को निरंतर मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन करीब 600 प्रसव कराए जा रहे हैं।
कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के छत्तीसगढ़ दौरे पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कांग्रेस पर मनरेगा को लेकर अनावश्यक राजनीति करने का आरोप लगाया। जायसवाल ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की पुरानी योजना है, जबकि वर्तमान सरकार इसके उन्नत रूप पर काम कर रही है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।
‘हमर लैब’ योजना में भ्रष्टाचार के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि पूर्व में अनियमितताएं सामने आई थीं। आरोपी अधिकारी अभी भी जेल में हैं। सभी मशीनों की जांच पूरी होने के बाद ही लैब को पुनः शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अत्यंत सतर्क हैं और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



