रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फ़ेडरेशन ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में आज से ‘काम बंद–कलम बंद’ हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन के चलते सरकारी विभागों में आमजन से जुड़े कार्यों के प्रभावित होने की आशंका है।
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फ़ेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा लंबित मांगों पर विचार न किए जाने के कारण कर्मचारियों ने मजबूर होकर यह निर्णय लिया है। हड़ताल को प्रभावी बनाने के लिए संगठन ने टेबल-टू-टेबल संपर्क अभियान तेज कर दिया है, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी इसमें शामिल हो सकें।
राजपत्रित अधिकारी संघ का समर्थन
इस आंदोलन को और मजबूती तब मिली जब राजपत्रित अधिकारी संघ ने भी हड़ताल का समर्थन देते हुए इसमें सक्रिय भागीदारी की घोषणा की।
मुख्य मांगें (संक्षेप में)
- वेतन विसंगति दूर करने की मांग
- पदोन्नति संबंधी नीति में सुधार
- सेवा शर्तों में बदलाव सहित अन्य वित्तीय सुविधाएं
फ़ेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच, आम नागरिकों को राजस्व, पेन्शन, आवागमन और प्रमाणपत्र संबंधी कार्यों में असुविधा झेलनी पड़ सकती है।



