रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस चरण में गणना और सत्यापन का काम संपन्न हो चुका है और उन मतदाताओं की सूची तैयार कर ली गई है, जो गैरमौजूद पाए गए, स्थानांतरण हो चुके या जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि यह सूची अब सर्चेबल मोड में ऑनलाइन अपलोड की जा रही है। मतदाता अपने नाम की आसानी से जांच कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मुख्य विवरण
- इस विशेष गहन पुनरीक्षण में आधार तिथि 1 जनवरी 2026 मानी गई है।
- जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए, उनके कारण हो सकते हैं:
- अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में पंजीकरण
- मतदाता का अस्तित्व में न होना
- 18 दिसंबर 2025 तक फॉर्म जमा न करना
- मतदाता पंजीकरण में रुचि न होना
- प्रारूप मतदाता सूची 23 दिसंबर 2025 से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग का निर्देश
सभी जिलों द्वारा तैयार प्रारूप मतदाता सूची की दो प्रतियां राजनीतिक दलों को दी जाएंगी:
- फोटो सहित हार्ड कॉपी
- फोटो रहित सॉफ्ट कॉपी
जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र नहीं मिले, उनकी अलग सूची भी राजनीतिक दलों को सत्यापन के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
आयोग ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे सूची का गंभीर अवलोकन करें और दावा-आपत्ति प्रक्रिया में मतदाताओं का सहयोग करें।
दावा-आपत्ति प्रक्रिया
मतदाता फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने), फॉर्म-7 (नाम हटाने) और फॉर्म-8 (सुधार) के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
- दावा-आपत्ति अवधि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक चलेगी।



