बीजापुर। जिले के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत इंद्रावती इलाके के दुर्गम जंगल और पहाड़ियों में आज सुबह डीआरजी बीजापुर और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही। मुठभेड़ स्थल से एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किए गए हैं।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना भैरमगढ़ के इंद्रावती क्षेत्र में आदवाड़ा–कोटमेटा के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी बीजापुर की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान 19 दिसंबर की सुबह करीब 6 बजे से नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से एक नक्सली का शव, एक .303 रायफल, 9 एमएम पिस्टल, विस्फोटक सामग्री और अन्य माओवादी सामान बरामद किया गया है। मारे गए नक्सली की पहचान 35 वर्षीय फगनू माड़वी के रूप में हुई है, जो भैरमगढ़ एरिया कमेटी का कमांडर था और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। फगनू माड़वी मूल रूप से ग्राम गोरना, थाना बीजापुर का निवासी था।
मुठभेड़ स्थल से .303 रायफल के साथ तीन राउंड की एक मैग्जीन, 9 एमएम पिस्टल के साथ 9 राउंड, दो स्कैनर सेट, रेडियो, मेडिकल किट, कार्डेक्स वायर, माओवादी पिट्ठू, पिस्टल पाउच और माओवादी पर्चे बरामद किए गए हैं।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. (पट्टलिंगम) ने कहा कि वर्ष 2025 में सुरक्षा बलों की प्रभावी और समन्वित कार्रवाई के चलते बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि माओवादी संगठन की संरचना पूरी तरह बिखर चुकी है और हिंसा व दहशत फैलाने के प्रयास अब बेअसर हो चुके हैं।
आईजी सुंदरराज पी. ने सक्रिय माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील भी की है।



