बीजापुर/दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के बीजापुर-दंतेवाड़ा अंतरजिला सीमा पर पश्चिम बस्तर डिवीजन के घने जंगलों में आज सुबह शुरू हुआ नक्सल विरोधी अभियान अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन साबित हुआ है।
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सुरक्षा बलों की आक्रामक कार्रवाई में 12 माओवादी मारे गए, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे DRG (दंतेवाड़ा-बीजापुर), STF और CRPF कोबरा की संयुक्त टीम ने सर्चिंग शुरू की थी। इसी दौरान माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अब तक 12 नक्सली मारे जा चुके हैं।
बरामदगी
मुठभेड़ स्थल से बरामद हुआ:
- 12 नक्सली कैडरों के शव
- कई SLR, इंसास और .303 राइफलें
- भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक
- मृत नक्सलियों की शिनाख्त प्रक्रिया जारी है।
शहीद और घायल जवान
इस भयंकर मुठभेड़ में DRG बीजापुर के तीन जांबाज शहीद हो गए:
- प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी
- प्रधान आरक्षक रमेश सोड़ी
- आरक्षक दुकारू गोंडे
दो अन्य जवान घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दी गई है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
आईजी सुंदरराज ने बताया कि इलाके में अभी भी व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है। अतिरिक्त बल भेजा गया है, पूरा क्षेत्र कॉर्डन कर लिया गया है। ऑपरेशन समाप्त होने के बाद पूरी जानकारी साझा की जाएगी।



