रायपुर। पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान ठेका दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कथित तांत्रिक कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके और उसके बेटे कंचन के खिलाफ तेलीबांधा पुलिस ने चार्जशीट पेश की है। पुलिस ने दावा किया है कि पिता-पुत्र ने हवाला के जरिए करोड़ों रुपये भेजकर चीन और ऑस्ट्रेलिया में निवेश किए, जबकि उनके बैंक खातों की जांच में 441 करोड़ रुपये के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला।
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पुलिस के मुताबिक, केके श्रीवास्तव बिलासपुर का निवासी और बेहद प्रभावशाली था। उसने कई बड़े नेताओं से संपर्क बनाए रखे। जांच में पता चला कि उसने नोएडा की रावत एसोसिएट कंपनी के मालिक अर्जुन सिंह को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 500 करोड़ के ठेके दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपये ले लिए।
एफआईआर दर्ज होने के बाद केके और कंचन फरार हो गए। जांच में यह भी सामने आया कि युवा कांग्रेसी नेता आशीष शिंदे ने अपनी कार में केके को छिपाकर नागपुर और फिर दिल्ली पहुंचाया, जहां दोनों लगभग एक महीने तक छिपे रहे। 24 जून को पुलिस ने केके को भोपाल से गिरफ्तार किया।
अर्जुन सिंह ने 10 से 17 जुलाई 2023 के बीच 15 करोड़ रुपये कंचन और केके को भेजे, जो कई खातों में ट्रांसफर किए गए। इनमें से तीन खाते बिलासपुर के अब्बास अली के नाम पर थे, जो केके के लिए काम करता था। पिता-पुत्र लगातार अर्जुन से संपर्क में रहे और फर्जी दस्तावेज भेजकर भरोसा जीतते रहे। कुछ राशि लौटाने के बाद बाकी पैसा निजी उपयोग में खर्च किया गया।
चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग और महादेव सट्टा बुक से संबंध का भी उल्लेख है। रिपोर्ट ईडी और सीबीआई को भेजी गई है, और ईडी ने जांच शुरू कर दी है। सीबीआई महादेव सट्टा मामले की जांच कर रही है, जिसमें अब तक 120 से अधिक लोगों के बयान लिए जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, दिसंबर में सीबीआई पहला चार्जशीट दाखिल करेगी।
इस मामले में कंचन और अब्बास अली अभी भी फरार हैं। पुलिस ने बताया कि कंचन को रायपुर और बिलासपुर में देखा गया था और बनारस से हिरासत में लिया गया था, लेकिन उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।



