नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है और भारत इसके खिलाफ निर्णायक जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम है। चाणक्य डिफेंस डायलॉग में बोलते हुए उन्होंने मई 2025 के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को “सिर्फ एक ट्रेलर” करार दिया और कहा कि भारत आतंकवाद तथा उसके आकाओं को किसी भी स्तर पर जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने कहा, “जब पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो यह हमारे लिए चिंता का विषय है। हम विकास और प्रगति की बात करते हैं, पर यदि कोई बाधा डालता है, तो हमें कार्रवाई करनी ही होगी। आतंकवादियों और उनके मददगारों को निश्चित रूप से जवाब दिया जाएगा। अगर कोई धमकी भरा पत्र भी आए, तो हम जानते हैं कि किसे जवाब देना है।”
मई 2025 का ऑपरेशन सिंदूर “स्ट्राइक मॉडल” का संकेत
जनरल द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की जवाबी क्षमताओं का एक उदाहरण था। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले—जिसमें 26 लोग मारे गए थे—के बाद शुरू किया गया था।
रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने इस कार्रवाई में—
- पाकिस्तान और पीओके स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया,
- जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कैंपों पर हमला किया,
- SCALP क्रूज मिसाइलों,
- प्रिसिजन गाइडेड बमों का उपयोग किया,
- और सिविलियन नुकसान से बचने पर विशेष जोर दिया।
सेना प्रमुख ने कहा कि 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति बेहतर हुई है और पत्थरबाजी की घटनाएँ लगभग समाप्त हो गई हैं।
भारत–चीन संबंधों में भी सुधार का दावा
चीन के साथ संबंधों पर जनरल द्विवेदी ने कहा कि अक्टूबर 2024 के बाद दोनों देशों के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के बीच संवाद बढ़ा है और इसका सकारात्मक असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा, “पिछले एक साल में काफी बदलाव हुए हैं। जब राजनीतिक दिशा स्पष्ट होती है, तो हर स्तर पर लाभ दिखता है। सीमा पर हमारे सैन्य अधिकारियों और चीनी पक्ष के बीच लगातार बातचीत हो रही है, जिससे स्थिति स्थिर बनी हुई है।”



