रायपुर : केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने आज रायपुर स्थित एकलव्य प्रयास आवासीय विद्यालय में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों से मुलाकात की और कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों द्वारा जनजातीय नायकों और नायिकाओं पर बनाई गई रंगोलियों का अवलोकन कर उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) में चयनित जनजातीय विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जनजातीय गौरव दिवस पर दिया गया राष्ट्रीय संबोधन वर्चुअल माध्यम से सुना।
राज्यमंत्री श्री साहू ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास, संस्कृति और ज्ञान भारतीय सभ्यता की जड़ों में बसा हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रकृति के साथ सामंजस्य, श्रम का महत्व और धरती माता की पूजा जैसे मूल्य जनजातीय समाज से हमें मिले हैं। उनका कहना था कि “जनजातीय समाज केवल परंपरा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है।”
उन्होंने कई महान जनजातीय नायकों का स्मरण किया, जिनमें धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, तिलका मांझी, सिदो–कान्हू, कोया–कोल आंदोलन के नायक, मानगढ़ के बलिदानी और रानी गाइदिन्ल्यू शामिल हैं। श्री साहू ने बताया कि इन नायकों के संघर्ष और त्याग ने भारत की स्वतंत्रता की राह को उजागर किया।
विशेष रूप से उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के ‘उलगुलान’ आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि मात्र 25 वर्ष की अल्पायु में उन्होंने ब्रिटिश शासन और मिशनरी दमन के खिलाफ अद्वितीय संघर्ष किया। उनका संदेश “अबुआ दिशोम, अबुआ राज” आज भी जनजातीय गर्व और स्वाभिमान का प्रतीक है।
राज्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर इतिहास में जनजातीय नायकों को उनका उचित स्थान दिलाया। उन्होंने जनजातीय समाज के विकास में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान और स्वतंत्र जनजातीय कार्य मंत्रालय के गठन का भी स्मरण किया।
श्री साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल से राष्ट्रीय जनजाति आयोग (एनसीएसटी) को अधिक शक्तियां दी गईं, द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बनीं, आदि महोत्सव ने जनजातीय कला को वैश्विक पहचान दी, ट्राइब्स इंडिया (ट्राइफेड) और वन धन केंद्रों ने वनोपज एवं हस्तशिल्प को उचित मूल्य दिलाया, और देशभर में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार हुआ।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, नगर निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।



