रायपुर। एक तरफ प्रदेशभर के किसान धान खरीदी से पहले एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन और गिरदावरी सुधार को लेकर परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन ने पटवारियों को राज्योत्सव की पार्किंग व्यवस्था में झोंक दिया है। रायपुर जिले के 42 पटवारियों को 1 नवंबर से नए रायपुर में होने वाले राज्योत्सव के दौरान पार्किंग संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।
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इधर, किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एग्रीस्टेक पोर्टल पर अब भी करीब 1 लाख से ज्यादा किसान पंजीयन नहीं करा पाए हैं, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तय की गई है। स्थिति यह है कि गिरदावरी में 40 फीसदी से अधिक त्रुटि सुधार का काम अब भी बाकी है।
पोर्टल की धीमी रफ्तार, सर्वर डाउन और सरकारी छुट्टियों ने किसानों की परेशानी दोगुनी कर दी है। त्रुटि सुधार के लिए पटवारियों को मौके पर जाकर सत्यापन करना होता है, लेकिन अब वही पटवारी राज्योत्सव की तैयारियों में व्यस्त हैं।
किसानों का कहना है कि प्रशासन के इस फैसले से उनकी धान खरीदी प्रभावित हो सकती है। “राज्योत्सव मनाना अपनी जगह सही है, लेकिन किसान की फसल खड़ी है, उसका काम पहले होना चाहिए,” एक किसान ने नाराज़गी जताई।
राज्योत्सव की चकाचौंध में अगर कृषि कार्य पिछड़ गए, तो आने वाले दिनों में धान खरीदी केंद्रों पर और भी अव्यवस्था देखने को मिल सकती है।



