रायपुर। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने के मामले में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब इस विवाद के बीच छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल पर रायपुर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।
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बघेल पर आरोप है कि उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और महाराज अग्रसेन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज की मूर्तियाँ क्यों नहीं तोड़ी जातीं? हमारी छत्तीसगढ़ी महतारी की गर्दन काटकर अपमान किया गया है।
इस बयान के बाद प्रदेशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज में तीखा विरोध भड़क उठा। रायपुर, रायगढ़, सरगुजा समेत कई जिलों में समाज के लोगों ने कड़ी निंदा करते हुए बघेल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बढ़ते दबाव के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने 28 अक्टूबर की रात FIR दर्ज कर ली।
FIR दर्ज होने के बाद भी अमित बघेल अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने मीडिया से कहा चाहे सरकार मुझे फांसी पर चढ़ा दे या गर्दन काट दे, लेकिन मैं माफी नहीं मांगूंगा। मैंने जो कहा, वह छत्तीसगढ़ की अस्मिता के लिए कहा। हम छत्तीसगढ़ियों का अपमान सहन नहीं करेंगे। बघेल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य यहां के मूल निवासियों और दिवंगत महान नेताओं की अस्मिता के सम्मान के लिए बना है। छत्तीसगढ़ को बेइज्जत करने वालों को हम बख्शेंगे नहीं।
फिलहाल पुलिस ने बयान के वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की डिजिटल फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। रायपुर समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन और सभा रैलियों की चेतावनी दी जा रही है।



