रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने महासमुंद जिले में पंजीकृत निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण मजदूरों के कल्याण के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 14,788 श्रमिकों के खातों में 4 करोड़ 68 लाख 690 रुपए सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से जारी किए।
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कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए समय पर लाभ देने के उद्देश्य से की गई। श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र ने बताया कि योजनाओं के तहत मजदूरों को शिक्षा, स्वास्थ्य, औजार, मातृत्व, मृत्यु सहायता और आवास जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत सहायता वितरण
- निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना: 3,443 श्रमिक – 51.64 लाख रुपए
- गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना: 3,005 श्रमिक – 40.72 लाख रुपए
- सायकल सहायता योजना: 2,724 श्रमिक – 1.89 लाख रुपए
- औजार सहायता योजना: 2,629 श्रमिक – 91.41 लाख रुपए
- नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना: 2,323 श्रमिक – 44.10 लाख रुपए
- नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना: 287 श्रमिक – 57.40 लाख रुपए
- श्रमिक सियान सहायता योजना: 150 श्रमिक – 30 लाख रुपए
- नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना: 108 श्रमिक – 5.82 लाख रुपए
- मिनीमाता महतारी जतन योजना: 79 श्रमिक – 15.80 लाख रुपए
- निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना: 27 श्रमिक – 27 लाख रुपए
- सिलाई मशीन सहायता योजना: 9 श्रमिक – 71,100 रुपए
- उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना: 3 श्रमिक – 1.50 लाख रुपए
- दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना: 1 श्रमिक – 1 लाख रुपए
छत्तीसगढ़ शासन लगातार सुनिश्चित कर रहा है कि प्रत्येक श्रमिक और उसके परिवार को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले और उनका जीवन बेहतर बने।



