रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी न्यायिक रिमांड बढ़ाते हुए 24 अक्टूबर तक जेल भेजने का आदेश दिया है।
ईडी की ओर से मामले की गहन जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले भी चैतन्य बघेल को इसी मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
गौरतलब है कि शराब घोटाले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को तीन महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया है और दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक अंतिम रिपोर्ट मांगी है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट का आदेश अपलोड किया गया था।
इसके बाद से ईडी ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। एजेंसी आबकारी विभाग के करीब 30 अधिकारियों के बयान दर्ज कर रही है, जिनमें 7 रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल हैं। ईडी के वकील सौरभ पांडे के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि यह मामला दो साल से लंबित है और अब इसे मुकाम तक पहुंचाना जरूरी है। ईडी ने भरोसा जताया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर फाइनल रिपोर्ट पेश की जाएगी।



