पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक)
रायपुर. रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी बनने के बाद से नोटो के छापेख़ाने में तब्दील हो गया है और इसमें सरकारी खजाना ही नहीं राजधानी का रियल एस्टेट भी सबसे बड़ा कारण है। राजधानी के सबसे बड़े धार्मिक आस्था के केंद्र पुरानी बस्ती क्षेत्र के सिर्फ 4 मठ-मंदिरो की 2500 एकड़ की दान में प्राप्त भूमि में से आधे से ज्यादा वर्ष 2007 के बाद भारी फर्जीवाड़ों के सहारे बेच दी गई है। इसका सबसे बड़ा कारण दानदाता परिवार की उदासीनता है। या यूं कहें कि राजनैतिक दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी, प्रशासनिक लापरवाही या करोड़ों-अरबों की अफरातफरी में अपने-अपने हिस्से का लालच ?

राज्य के सबसे भ्रष्ट राजनेताओं के संरक्षण में एक बहुत बड़ा और शक्तिशाली सफेदपोशों के गिरोह ने शासकीय भू-अभिलेखों में कूटरचना कर इसे न्यायालयों की आंखों में धूल झोंककर सही साबित करने का वर्षों पूर्व खेल शुरू किया है। इसमें स्वयंभू ट्रस्टी और सहकारी समितियों के स्वयंभू अध्यक्ष अजय तिवारी, भारत माला प्रोजेक्ट घोटाले के आरोपी विजय जैन, मन्नू और लालू नत्थानी बन्धु सहित कई और लोग शामिल हैं।

ताजा मामला श्री रामचन्द्र स्वामी जैतूसाव और श्री रामचन्द्र स्वामी गोपीदास मठ-मंदिरों से जुड़ा है। राजधानी के धरमपुरा में जैतुसाव मठ की 160 एकड़ से ज्यादा जमीन और गोपी दास मंदिर की 23 एकड़ से ज्यादा जमीन थी जिसे हिंदू धर्मावलंबियों ने दान दी थी। इन सफेदपोश गिरोह ने 2007 से इन जमीनों का फर्जीवाड़ा कर 120 एकड़ से जमीनों की अफरातफरी कर दी है।

अजय तिवारी ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री के संरक्षण में सबसे पहले राजधानी के प्राचीन और समृद्ध मठ-मंदिरों सहित सहकारी समितियों में कब्जा किया। फिर गिरोह बनाकर कर इनकी बेशकीमती जमीनों की अफरातफरी की। इसमें भारत माला प्रोजेक्ट घोटाले का आरोपी विजय जैन और एमसीएक्स किंग के रूप में कुख्यात मन्नू नत्थानी और लालू नत्थानी को भी शामिल कर लिया।

एमसीएक्स कारोबारी मन्नू नत्थानी व उसके भाई को पुलिस ने जून 2023 में हिरासत में लिया था। उनके घर से लैपटाप- सट्टा मशीन समेत मोबाइल, कम्प्यूटर, लैपटॉप आदि भी जब्त किया था। पंडरी पुलिस ने आनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाने की सूचना पर यह कार्रवाई की थी। इससे पहले भी मन्नू नत्थानी पर कई और मामले दर्ज है। जिनमें अपहरण, जान से मारने की धमकी और 70 लाख की प्रापर्टी के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के आरोपों में पुलिस कार्यवाही कर चुकी है।किडनैपिंग और अवैध वसूली में फंसे एमसीएक्स कारोबारी मन्नू नत्थानी को पुलिस ने 2014 में भी गिरफ्तार किया था। उस समय एमसीएक्स कारोबार से जुड़े रजिस्टर और दस्तावेज जब्त किए थे।

रजिस्टर में एमसीएक्स के लेन-देन का रिकार्ड भी बरामद किया गया था। 2012 में मन्नू नत्थानी के पंडरी के टाइल्स कारोबारी अमित शेरवानी, विपुल जैन और जमीन कारोबारी अभय नाहर से अपहरण, मारपीट, धमकी और जबरन वसूली के मामले सामने आए थे। जिसमें रायपुर पुलिस ने विभिन्न थानों में इसके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर हिरासत में लिया था।

इस बार इस गिरोह ने धरमपुरा स्थित गोपीदास मंदिर की जमीन के लिए अभनपुर क्षेत्र के दो अतिवृद्ध किसान 90 वर्षीय सोनसाय साहू और उसके भाई 74 वर्षीय सोनूराम साहू के नाम पर दर्जनों एकड़ जमीन की कूटरचना कर बैक डेट में 1970-80 के समय का बैनामा तैयार कराया। फिर 2016 -17 में राजस्व में नामांतरण का खेल शुरू किया। इसमें राजधानी के तात्कालिक तहसीलदार, एस.डी.एम., अपर कलेक्टर तक शामिल हैं। राजस्व के इन अधिकारियों ने करोड़ों की इस अफरातफरी में पैसा उच्च स्तरीय अधिकारियों तक पहुंचाया था।
इस मामले में और भी कई परतें है जिसे भी आपके सामने जल्द लाया जायेगा।
क्रमशः ——3



