बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार शाम तक सर्च ऑपरेशन के दौरान 17 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 8 लाख रुपए इनामी PLGA कमांडर मोडियामी वेल्ला भी शामिल है।
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इस मुठभेड़ में DRG के 3 जवान शहीद हो गए, जबकि 2 जवान घायल हुए हैं। शहीदों में प्रधान आरक्षक मोनू, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी शामिल हैं। शहीदों को आज (4 दिसंबर 2025) सुबह 11 बजे बीजापुर-गंगालूर मार्ग स्थित पुलिस लाइन शहीद वाटिका में अंतिम सलामी दी जाएगी।
संख्या 20 तक पहुंचने की संभावना
मुठभेड़ दो अलग-अलग स्थानों पर हुई थी और क्षेत्र में अभी भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सुरक्षाबलों को कई स्थानों पर खून के निशान और घसीटने के सबूत मिले हैं, जिससे आशंका है कि नक्सली अपने साथियों के शव जंगल में ले गए होंगे। इस दौरान एक और जवान घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए बेस कैंप लाया गया।
SP जितेंद्र यादव के अनुसार DRG, STF, कोबरा और CRPF की संयुक्त टीम बुधवार सुबह 9 बजे वेस्ट बस्तर डिवीजन में सर्चिंग पर निकली थी, तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में कई नक्सली ढेर हो गए। मौके से SLR राइफल, 303 राइफल और गोला-बारूद बरामद हुआ है।
कौन था मोडियामी वेल्ला?
- पूरा नाम राहुल मोडियामी वेल्ला
- PLGA कंपनी नंबर 2 का कमांडर
- वेस्ट बस्तर डिविजनल कमेटी (DVCM) का प्रभावशाली सदस्य
- नक्सली संगठन के इंटेलिजेंस विंग का प्रमुख
- बीते 15 वर्षों से सक्रिय
- बस्तर क्षेत्र के कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड
- पेद्दा कोरमा नरसंहार सहित कई घटनाओं में शामिल
हिड़मा के खात्मे के बाद लगातार सफलताएं
वेल्ला को हाल के दिनों में हिड़मा के बाद संगठन का प्रमुख रणनीतिक चेहरा माना जा रहा था। उसका मारा जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण जीत है। इससे पहले 18 नवंबर को छत्तीसगढ़-आंध्र बॉर्डर पर ऑपरेशन में कुख्यात नक्सली माड़वी हिड़मा का एनकाउंटर हुआ था। उस कार्रवाई में उसकी पत्नी रजक्का सहित 4 नक्सली ढेर हुए थे।
गृह मंत्री अमित शाह ने 30 नवंबर तक हिड़मा के सफाए की डेडलाइन तय की थी। इसके बाद मारेडमिल्ली के जंगलों में बड़े ऑपरेशन में यह सफलता मिली। हिड़मा पिछले 20 वर्षों में 26 से अधिक बड़े हमलों का मास्टरमाइंड रहा है।



