रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक ने आम जनता के लिए बड़ी राहत और उद्योग–शिक्षा सेक्टर के लिए बड़े सुधारों का रास्ता खोल दिया है। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए M-URJA योजना को और ताकत देते हुए सरकार ने बिजली बिल में छूट को दोगुना कर दिया है।
अब 200 यूनिट तक 50% छूट — 42 लाख उपभोक्ताओं को सीधी राहत
पहले 100 यूनिट तक मिलने वाली आधी बिजली की छूट को बढ़ाकर 200 यूनिट प्रति माह कर दिया गया है। यही नहीं, 200 से 400 यूनिट खपत वाले करीब 6 लाख उपभोक्ताओं को भी एक साल तक 200 यूनिट पर आधा बिल मिलेगा, ताकि इस अवधि में वे पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घरों पर सोलर प्लांट लगा सकें। सरकार का अनुमान है कि नई व्यवस्था से 42 लाख से अधिक उपभोक्ता सीधे लाभान्वित होंगे।
हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर—सोलर प्लांट पर अतिरिक्त सब्सिडी
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने सरकार ने प्रोत्साहन बढ़ा दिया है 1 किलोवॉट प्लांट पर 15,000 रुपये 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता वाले प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है—“हाफ बिजली से फ्री बिजली” की तरफ उपभोक्ताओं को आगे बढ़ाना।
लघु उद्योगों को बूस्ट — भंडार क्रय नियमों में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 में संशोधन को मंजूरी दे दी। इस बदलाव का मकसद—स्थानीय लघु और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देना, जेम पोर्टल की खरीद प्रक्रिया को और सरल, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाना। सरकार का दावा है कि इससे समय, संसाधन दोनों की बचत होगी और राज्य में इंडस्ट्रियल एक्टिविटी और मजबूत होगी।
शिक्षा व व्यापार क्षेत्र में सुधार—दो बड़े विधेयक पास
कैबिनेट ने दो अहम विधेयकों को भी हरी झंडी दी छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025,छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक 2025 सरकार का मानना है कि इन सुधारों से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा, निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।



