पटना। बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन ऐतिहासिक बन गया जब नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पटना के गांधी मैदान में आयोजित विशाल शपथ ग्रहण समारोह ने इसे महज़ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ताकत का भव्य प्रदर्शन बना दिया। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा समेत एनडीए शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। मंच पर नेताओं ने नीतीश कुमार के अनुभव और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए नई सरकार के लिए शुभकामनाएँ दीं।
समारोह के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष अंदाज़ एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना। पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हाथ पकड़कर मंच के आगे आकर लोगों का अभिवादन किया। इसके बाद वे मंच से उतरकर जनता की ओर पाँच बार झुककर प्रणाम करते हुए आगे बढ़े। उन्होंने मंच पर मौजूद नए मंत्रियों से भी मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया और फिर जनता की ओर गमछा लहराकर आभार व्यक्त किया। जवाब में गांधी मैदान में मौजूद लाखों लोगों ने भी गमछा लहराकर प्रधानमंत्री के इस भाव का गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्रधानमंत्री का यह जनता–सम्मान का अंदाज़ चुनाव प्रचार से लेकर लगातार कई मौकों पर देखा गया है, और बिहार में शपथ ग्रहण समारोह ने इसे एक बार फिर मजबूत किया। नई सरकार के गठन के साथ राज्य में राजनीतिक समीकरणों की नई दिशा तय हो चुकी है, और उम्मीद जताई जा रही है कि यह कार्यकाल बिहार के लिए नए विकास–अध्याय की शुरुआत करेगा।



