रायपुर। नक्सलवाद के खिलाफ जारी अभियान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी पूर्व सरकार के कामकाज को सराहा और दावा किया कि उनके शासनकाल में नक्सलियों की कमर टूटना शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ युद्ध जैसी लड़ाई लड़ी थी।
बिजली बिल हाफ योजना पर तंज कसते हुए बघेल ने वर्तमान सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह “ऊंट के मुंह में जीरा” है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली दरें तीन बार बढ़ा चुकी है, जिसका लाभ आम जनता को नहीं मिल रहा।
प्रदेशभर में एसीबी-ईओडब्ल्यू द्वारा मारे गए छापों पर टिप्पणी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि “वसूली में लगे हुए लोगों पर ही छापे पड़ने चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में रोज हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएँ हो रही हैं, जबकि पुलिस अधिकारी वसूली में व्यस्त हैं।
SISI से जुड़े दो नाबालिगों की रायपुर में गिरफ्तारी पर बघेल ने केंद्र सरकार पर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक्ट ऑफ वार की बात कही गई थी, फिर अब “दाएं-बाएं क्यों हो रहा है?” बघेल ने सवाल उठाया कि कश्मीर से राजधानी तक आतंकी पहुंचने के लिए जिम्मेदार कौन है। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों पर विपक्ष की जासूसी करने का आरोप भी लगाया।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छत्तीसगढ़ दौरे पर हमला करते हुए बघेल ने कहा कि मध्य प्रदेश में धान 3100 रुपये क्विंटल में खरीदा जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ में अभी तक धान खरीदी शुरू ही नहीं हो पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारदानों की गुणवत्ता खराब है और लाखों किसान धान बेचने से वंचित हो रहे हैं।



