दुर्ग। इस्पात नगरी भिलाई के जामुल थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हमलावरों ने इवेंट संचालक विकास उर्फ राजू प्रजापति को निशाना बनाकर गोली चलाई, लेकिन निशाना चूक जाने के कारण वह बाल-बाल बच गया। हमले में उसके कान के पास हल्की चोट आई, जिसके बाद उसने अस्पताल जाकर इलाज कराया।
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यह घटना शुक्रवार 14 नवंबर की रात की है। बताया जा रहा है कि दो अज्ञात हमलावरों ने इवेंट देने के बहाने विकास प्रजापति को बुलाया और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने गोली के खोखे सहित फायरिंग के निशान बरामद किए। दीवारों पर पड़े गोलियों के निशान यह दर्शाते हैं कि हमलावरों ने कई राउंड फायर किए थे और स्पष्ट रूप से नुकसान पहुंचाने की नीयत थी।
इसके बावजूद जामुल थाना पुलिस ने पूरे मामले को मामूली विवाद बताकर पल्ला झाड़ लिया और FIR दर्ज नहीं की। पीड़ित का आरोप है कि गोलीबारी के सबूत जब्त करने के बाद पुलिस ने उसे तुरंत वहां से जाने को कह दिया। अगले दिन पीड़ित के भाई ने थाने में शिकायत दर्ज कराई और कैंप-2 स्थित संजय टेंट हाउस के संचालक करन साह पर फायरिंग कराने का संदेह जताया।
मामले में छावनी सीएसपी हेमप्रकाश नायक ने इसे संदिग्ध बताते हुए जांच की बात कही है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि दुर्ग एसएसपी विजय यादव द्वारा अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद गोलीबारी जैसे गंभीर मामले को मामूली विवाद बताकर क्यों टाल दिया गया।



