President Murmu Visit Botswana: गाबोरोन। भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को बोत्सवाना की राजधानी गाबोरोन पहुंचीं, जहां उन्हें सर सेरेत्से खामा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बोत्सवाना के राष्ट्रपति डूमा गिडियन बोको ने 21 तोपों की सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ भव्य स्वागत किया। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की बोत्सवाना की पहली राजकीय यात्रा है, जो भारत-अफ्रीका संबंधों को नई मजबूती देने का प्रतीक बनी। तीन दिवसीय दौरे (11-13 नवंबर) के दौरान मुर्मू और बोको प्रतिनिधि स्तर की वार्ता करेंगे, जिसमें हीरे, दवा, कृषि, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में कई समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर होंगे।
राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा अफ्रीका महाद्वीप के दो देशों (अंगोला और बोत्सवाना) की यात्रा का दूसरा चरण है, जो भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और अफ्रीका प्राथमिकता नीति को मजबूत करने का हिस्सा है। अंगोला से प्रस्थान के बाद गाबोरोन पहुंची मुर्मू को पारंपरिक नृत्य मंडली ने भी सम्मानित किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा का प्रमुख उद्देश्य ‘प्रोजेक्ट चीता’ को गति देना है। बुधवार को मुर्मू और बोको मोकोलोदी नेचर रिजर्व में कालाहारी रेगिस्तान से लाए गए आठ चीतों को क्वारंटीन क्षेत्र में प्रतीकात्मक रूप से छोड़ने के समारोह में शामिल होंगी। ये चीते भारत के कुनो नेशनल पार्क में स्थानांतरित किए जाएंगे, जो वन्यजीव संरक्षण में दोनों देशों की साझेदारी को रेखांकित करेगा।
द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए बुधवार को मुर्मू बोत्सवाना की संसद को संबोधित करेंगी और भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगी। 2024-25 में भारत-बोत्सवाना व्यापार 506 मिलियन डॉलर तक पहुंचा, जहां बोत्सवाना कच्चे हीरों का प्रमुख निर्यातक है और भारत दवाएं, मशीनरी, लोहा-इस्पात तथा विद्युत उपकरण आपूर्ति करता है। 1966 में स्थापित राजनयिक संबंध 2026 में स्वर्ण जयंती मनाएंगे। बोत्सवाना की ‘विजन 2036’ योजना के तहत अर्थव्यवस्था विविधीकरण और उच्च आय समाज निर्माण में भारत की साझेदारी महत्वपूर्ण होगी।
इससे पहले अंगोला दौरे (8-11 नवंबर) में मुर्मू ने राष्ट्रपति जाओ लॉरेंको से भेंट की, देश की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ में शिरकत की और संसद को संबोधित किया। भारत ने अंगोला को 200 मिलियन डॉलर की रक्षा ऋण सहायता दी, जबकि स्वास्थ्य, अंतरिक्ष, डिजिटल और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। मुर्मू का यह दौरा G20 में अफ्रीकी संघ की सदस्यता के बाद भारत-अफ्रीका साझेदारी को नई दिशा देगा।



