पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान से सियासी तापमान बढ़ गया है। रेगा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की।
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प्रियंका गांधी ने कहा-
“ज्ञानेश कुमार, अगर आप सोचते हैं कि आप शांति से रिटायर हो जाएंगे, तो ऐसा नहीं होगा। मैं जनता से कहती हूं कि ज्ञानेश कुमार का नाम कभी मत भूलना।”
उन्होंने मंच से एस.एस. संधू और विवेक जोशी के नामों का भी ज़िक्र करते हुए जनता से उन्हें याद रखने की अपील की। उनके बयान के दौरान सभा स्थल पर समर्थकों ने “चोर-चोर” के नारे लगाए।
मतदान में गड़बड़ी के आरोप दोहराए
प्रियंका गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “जनता को धोखा देने वालों को चैन से नहीं सोने दिया जाएगा।
इससे पहले राहुल गांधी ने भी हरियाणा चुनावों में “25 लाख फर्जी वोटों” के इस्तेमाल और नतीजों में हेरफेर के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस समर्थकों के वोट जानबूझकर हटाए गए थे।
विपक्ष ने बताया चुनाव आयोग को धमकी
प्रियंका गांधी के इस बयान पर राजनीतिक विरोधियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा और जेडीयू नेताओं ने इसे “चुनाव आयोग को डराने की कोशिश” बताया और चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रियंका गांधी “जनता की आवाज़ उठा रही हैं” और “लोकतांत्रिक संस्थाओं में जवाबदेही की मांग कर रही हैं।”
बिहार चुनाव के अंतिम चरण में बढ़ी सियासी गर्मी
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। पहले चरण का मतदान हो चुका है, जबकि दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 14 नवंबर को होगी।
राज्य में इस बार मुकाबला आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन और एनडीए के बीच सीधा माना जा रहा है। प्रमुख उम्मीदवारों में तेजस्वी यादव (आरजेडी) और सम्राट चौधरी (भाजपा) मुख्य चेहरों के रूप में मैदान में हैं।



