150 Years of Vande Mataram : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर वंदे मातरम के 150 वर्ष (150 Years of Vande Mataram) पूरे होने का जश्न मनाने के बावजूद, अपने संगठनात्मक जीवन में इस गीत की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
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खड़गे ने कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम का लोकप्रिय नारा रहा, लेकिन आरएसएस ने अपनी शाखाओं, कार्यालयों और साहित्य में कभी भी इस गीत को स्थान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस वंदे मातरम या जन गण मन के बजाय केवल “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” गाता है, जो संगठन की महिमा का गीत है, न कि राष्ट्र की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “यह विडंबना है कि जो लोग आज खुद को राष्ट्रवाद का ठेकेदार बताते हैं, उन्होंने कभी वंदे मातरम नहीं गाया। 1925 में स्थापना के बाद से आरएसएस ने इस गीत से दूरी बनाई हुई है। इसके किसी ग्रंथ या साहित्य में इसका उल्लेख तक नहीं मिलता।”
उन्होंने यह भी बताया कि 1986 से अब तक कांग्रेस की हर बैठक — चाहे वह राष्ट्रीय अधिवेशन हो या ब्लॉक स्तरीय — की शुरुआत वंदे मातरम से ही होती है।
खड़गे का यह बयान उस समय आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में स्मारक डाक टिकट जारी किया। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में एक वर्ष तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान संघ की भूमिका पर निशाना साधते हुए खड़गे ने कहा, “यह सर्वविदित तथ्य है कि आरएसएस और संघ परिवार ने आज़ादी की लड़ाई में अंग्रेजों का समर्थन किया, 52 वर्षों तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया, संविधान का दुरुपयोग किया और बाबा साहेब अंबेडकर व महात्मा गांधी के पुतलों का अपमान किया। सरदार पटेल के शब्दों में, वे गांधीजी की हत्या में भी शामिल थे।” (150 Years of Vande Mataram)



