रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिमांड अवधि बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद आदेश दिया कि चैतन्य बघेल को 12 नवंबर तक जेल में ही रहना होगा।
दरअसल, रिमांड की अवधि खत्म होने पर आज चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया था। सुनवाई के बाद अदालत ने रिमांड बढ़ाने का फैसला लिया। वहीं, मामले के अन्य आरोपी निरंजन दास को भी कोर्ट से राहत नहीं मिली है।
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके भिलाई स्थित निवास से मनी लॉन्ड्रिंग और शराब घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया था।
ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल ने 16 करोड़ 70 लाख रुपये की अवैध कमाई को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश किया था। आरोप है कि यह रकम फर्जी बैंक एंट्री, ठेकेदारों को नकद भुगतान और फ्लैट खरीदी के माध्यम से उपयोग की गई।
इसके अलावा, वह त्रिलोक सिंह ढिल्लो के साथ मिलकर ‘विट्ठलपुरम’ परियोजना में फर्जी फ्लैट खरीद के जरिए 5 करोड़ रुपये हासिल करने के आरोप में भी घिरे हुए हैं। ईडी का कहना है कि ये फ्लैट ढिल्लो के कर्मचारियों के नाम पर खरीदे गए, जबकि असली लाभार्थी चैतन्य बघेल थे।



