रायपुर। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अमित बघेल ने अपने एक वीडियो बयान में महाराजा अग्रसेन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद अग्रवाल समाज ने पूरे प्रदेश में विरोध शुरू कर दिया है।
बघेल के बयान से बढ़ा विवाद
अमित बघेल ने कहा कि- “पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अग्रसेन महाराज की मूर्तियां क्यों नहीं टूटती हैं? कौन है अग्रसेन महाराज — चोर या झूठा? पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं मछली वाले भगवान के बारे में?”
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इस टिप्पणी को लेकर अग्रवाल समाज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाज ने कहा कि महाराजा अग्रसेन पर ऐसी अपमानजनक टिप्पणी असहनीय है और अमित बघेल को तुरंत माफी मांगनी चाहिए। विरोध करने वालों का कहना है कि यह बयान न केवल अग्रवाल समाज बल्कि अन्य वर्गों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
कई जिलों में प्रदर्शन, पुलिस को सौंपा गया ज्ञापन
रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा सहित कई जिलों में अग्रवाल समाज के लोग सड़कों पर उतरे। रायगढ़ में गांधी गंज में बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि एकत्र हुए और SP कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इसी तरह सरगुजा में समाज के लोगों ने कोतवाली थाने के सामने धरना प्रदर्शन किया।
समाज के नेताओं ने कहा कि यदि जल्द FIR दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
क्या है मूर्ति विवाद ?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब रायपुर के VIP चौक पर स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को रविवार को एक व्यक्ति ने खंडित कर दिया था। घटना के बाद छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के सदस्य मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। अगले दिन सोमवार को प्रशासन ने मूर्ति को पुनः स्थापित कर दिया और आरोपी मनोज सतनामी को गिरफ्तार किया।
CSP रामाकांत साहू के अनुसार आरोपी मानसिक रूप से बीमार है और उसने नशे की हालत में मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया था। परिजनों ने बताया कि उसका सेंद्री और रांची में इलाज चल चुका है।
अग्रवाल समाज ने कहा — ‘महाराजा अग्रसेन का योगदान भुलाया नहीं जा सकता’
छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल ने कहा —
“महाराजा अग्रसेन समाज के आदर्श हैं। उनका योगदान छत्तीसगढ़ के विकास में अमूल्य है। दाऊ कल्याण सिंह ने किसानों के लिए 1900 एकड़ जमीन कृषि विश्वविद्यालय को दी, DKS अस्पताल और एम्स रायपुर के लिए भूमि समाज ने दान की। दूधाधारी मंदिर का निर्माण भी अग्रवाल समाज के दान से हुआ।”
अनुराग अग्रवाल ने कहा कि इस दौरान क्रांति सेना के नेताओं द्वारा दिए गए बयान से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
पहले भी विवादों में रहे हैं अमित बघेल
अमित बघेल इससे पहले भी जैन संतों के खिलाफ टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। तब बालोद पुलिस ने उन्हें हसदेव फॉरेस्ट आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया था। अब उनके नए बयान ने एक बार फिर राज्य की राजनीति और समाजिक माहौल को गर्मा दिया है।
समाज की चेतावनी — कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज
अग्रवाल समाज ने स्पष्ट कहा है कि अगर अमित बघेल पर FIR दर्ज नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। समाज ने मांग की है कि सरकार ऐसी बयानबाज़ी पर रोक लगाए जिससे समाजिक सौहार्द बिगड़ता है।



