देहरादून। अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। आज यानी बुधवार, 22 अक्टूबर को गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद हो जाएंगे। इसके बाद क्रमशः 23 अक्टूबर को यमुनोत्री और केदारनाथ धाम, जबकि 25 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे।
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चारधाम यात्रा के इस सीजन में अब तक करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। इनमें सबसे अधिक दर्शनार्थी केदारनाथ धाम पहुंचे, जबकि बद्रीनाथ में भी भारी भीड़ उमड़ी। वहीं, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या 6 लाख से अधिक दर्ज की गई।
हेमकुंड साहिब के कपाट पहले ही बंद किए जा चुके हैं, जहां इस बार करीब पौने तीन लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका।
चारधाम कपाट बंद होने की तिथियां
- 🕉️ गंगोत्री धाम: 22 अक्टूबर सुबह 11:36 बजे
- 🕉️ केदारनाथ धाम: 23 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे
- 🕉️ यमुनोत्री धाम: 23 अक्टूबर दोपहर 12:30 बजे
- 🕉️ बद्रीनाथ धाम: 25 नवंबर दोपहर 2:56 बजे
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित रही यात्रा
चारधाम यात्रा की शुरुआत गंगोत्री और यमुनोत्री धामों से होती है, जो उत्तरकाशी जिले में स्थित हैं। इस वर्ष उत्तरकाशी प्राकृतिक आपदाओं से सबसे अधिक प्रभावित रहा। धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा के कारण लंबे समय तक गंगोत्री धाम की यात्रा बाधित रही। वहीं, श्यानाचट्टी में यमुना नदी पर बनी झील से यमुनोत्री हाईवे जलमग्न हो गया, जिससे तीर्थयात्रा कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।
श्रद्धालु संख्या के आंकड़े
इन सभी बाधाओं के बावजूद 21 अक्टूबर 2025 तक:
- यमुनोत्री धाम में श्रद्धालु पहुँचे — 6,44,366
- अक्टूबर के पहले 21 दिनों में 40,227 तीर्थयात्री
- गंगोत्री धाम पहुँचे — 7,57,762
- अक्टूबर में 53,949 श्रद्धालु



