रायपुर। दीपावली के अवसर पर जहां पूरा देश उत्सव के रंग में डूबा रहा, वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक भावनात्मक सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने अपने बेटे चैतन्य बघेल से मुलाकात की अनुमति न मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।
भूपेश बघेल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा
“दो दशक पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बाबूजी को जेल भेजा था, लेकिन दीपावली के दिन उनसे मिलने की छूट मिल गई थी। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की कृपा से बेटा जेल में है। आज दीपावली है, लेकिन मुझे उससे मिलने की अनुमति नहीं है।
बहरहाल, सबको दीपावली की शुभकामनाएं।

इस ट्वीट के सामने आते ही कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया, जबकि भाजपा ने इसे “भावनात्मक ड्रामा” करार दिया।
ED ने चैतन्य बघेल को जुलाई में किया था गिरफ्तार
बता दें कि ED ने 18 जुलाई 2025 को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह घोटाला 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का है और इसमें चैतन्य बघेल पर 1,000 करोड़ रुपये के अवैध प्रबंधन का आरोप है।
चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी को असंवैधानिक और नियम-विरुद्ध बताते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि ED की कार्रवाई विधिसम्मत है और इसमें किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। ED की ओर से पैरवी एडवोकेट सौरभ पांडेय ने की थी।
पूर्व CM खुद भी कानूनी मामलों में घिरे
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं भी चुनावी आचार संहिता उल्लंघन मामले में कानूनी दायरों में उलझे हुए हैं। दुर्ग सांसद विजय बघेल की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि भूपेश बघेल ने आचार संहिता का उल्लंघन किया और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया।
इस मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
भूपेश बघेल ने प्रारंभिक स्तर पर याचिका खारिज करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि में गहराया पारिवारिक दर्द
दीपावली के दिन भूपेश बघेल का यह भावनात्मक पोस्ट न केवल उनके व्यक्तिगत दर्द को उजागर करता है, बल्कि राज्य की राजनीति में भावनात्मक और संवेदनशील पहलू भी जोड़ता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले दिनों में कांग्रेस और BJP के बीच नए राजनीतिक टकराव को जन्म दे सकता है।



