रायपुर। रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय रायपुर ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर चल रहे 262 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स का खुलासा किया। इन फर्जी आईडी के पीछे 50 लाख से अधिक फॉलोवर थे और इनके माध्यम से महिलाओं की फोटो लगाकर फर्जी मोबाइल नंबर वायरल कर लोगों के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी।
शिक्षकों की बहाली में खेल खत्म, लोक शिक्षण संचालक ने कसा शिकंजा
इस मामले में जमशेदपुर (झारखंड) और बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से कुल 11 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों के कब्जे से 36 मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री भी बरामद हुई है। आरोपी मैट्रिमोनी साइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की फर्जी तस्वीरें लगाकर फर्जी मोबाइल नंबर साझा करते थे। विवाह के इच्छुक लोग इन नंबरों पर कॉल करते, और फिर उन्हें वधू का फर्जी बायोडाटा, पता और नंबर बताकर धोखाधड़ी के माध्यम से रकम वसूल की जाती थी।
गिरफ्तारी की बड़ी जानकारी
- जमशेदपुर में रेड कर 3, बिलासपुर में रेड कर 8 आरोपी गिरफ्तार
- गिरफ्तार आरोपियों ने देश के विभिन्न राज्यों में हजारों लोगों के साथ धोखाधड़ी की
गिरफ्तार आरोपी फर्जी कॉल सेंटर पिछले 2 साल से चला रहे थे। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशानुसार साइबर क्राइम पोर्टल में रिपोर्टेड म्यूल बैंक अकाउंट की जांच के लिए रेंज साइबर थाना को कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। 79 म्यूल बैंक अकाउंट के खिलाफ थाना डी डी नगर में अपराध क्रमांक 424/25 के तहत मामला दर्ज है।
साइबर पुलिस की तकनीकी जांच में यह खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी और उनके साथी फर्जी आईडी बनाकर लोगों को ठगने में शामिल थे। इस पूरे प्रकरण में व्यापक अनुसंधान जारी है और सभी संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
गिरफ्तार प्रमुख आरोपी:
1. शुभम दास, 26, चाकुलिया, जमशेदपुर
2. लक्ष्मण गोप, 29, लोधा सोली, जमशेदपुर
3. असित पातर, 24, बर्डी कानपुर, जमशेदपुर
4. सूरज कुमार पटेल, 21, सरकंडा, बिलासपुर
5. सुखसागर कैवर्त, 22, सरकंडा, बिलासपुर
6. मानसु डाहिरे, 21, सरकंडा, बिलासपुर
7. अनिकेत कुलदीप, 20, रायगढ़/बिलासपुर
8. करण पुष्पकार, 22, सरकंडा, बिलासपुर
9. रमाकांत गंधर्व, 22, कबीरधाम
10. सिराज खान, 20, सरकंडा, बिलासपुर
11. त्रियम्बक कुमार भास्कर, 27, कोरिया/बिलासपुर
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने कहा साइबर अपराध में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। हम फर्जी आईडी और म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल से धोखाधड़ी करने वालों को बख्शेंगे नहीं।”



