रायपुर। दीपावली से ठीक पहले सड़कों किनारे ठेले, खोमचे और रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वालों को हटाने की भाजपा सरकार की कार्रवाई पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इसे गरीब विरोधी और अमानवीय कदम करार दिया।
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शुक्ला ने कहा कि रायपुर सहित पूरे प्रदेश में ईमानदारी से मेहनत करके स्वरोजगार करने वालों का भरण-पोषण छीनना और उनके सामान को नष्ट करना सरकार की तानाशाही पूर्ण नीति है। उन्होंने बताया कि हजार-दो हजार रुपये की लागत वाले सामान को जप्त किया गया, तोड़ दिया गया और विरोध करने वालों को पुलिस से पीटा गया।
उन्होंने आगे कहा –
“यदि कोई ठेले यातायात में बाधक थे तो पहले सूचना देकर कुछ दिन की मोहलत दी जा सकती थी। अचानक और बलपूर्वक हटाना भाजपा सरकार का गरीब विरोधी कदम है। महंगाई के इस दौर में छोटे व्यवसायियों के लिए घर चलाना ही कठिन है, ऐसे में उनका व्यवसाय नष्ट करना सरासर गलत है।”
सुशील आनंद शुक्ला ने याद दिलाया कि कांग्रेस की मनमोहन सरकार ने देशभर में वेन्डर प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया था, जिसके तहत राज्य सरकार को हर नगरीय क्षेत्र में सड़क किनारे व्यवसाय करने वालों के लिए सुरक्षित जगह चिन्हित करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने कोई ऐसी व्यवस्था नहीं बनाई और वर्षों से व्यवसाय कर जीवन यापन करने वाले लोगों की रोजी-रोटी छीन दी।



