रायपुर। अरे वाह! भारतमाला और रेल प्रोजेक्ट्स की जमीनों पर करोड़ों का मुआवजा घोटाला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि छत्तीसगढ़ सरकार ने एक झटके में सारे जुगाड़ बंद कर दिए! राज्य बनने के बाद पहली बार ऐसा गेम-चेंजर फैसला अब जमीन अधिग्रहण का मुआवजा वर्गमीटर से नहीं, हेक्टेयर से तय होगा! यानी, छोटे-मोटे टोटके से किस्मत रातोंरात चमकाने वाले खिलाड़ियों का खेल खत्म!
अजय चंद्राकर का भूपेश बघेल पर पलटवार, बोले – एजेंसियों पर टिप्पणी करना उनका पैशन बन गया है
सोचिए तो जानें – पहले डायवर्टेड (जंगल/कृषि से बदली हुई) जमीन का मुआवजा ढाई गुना ज्यादा मिलता था। लेकिन अब? डायवर्टेड हो या न हो, कीमत एक जैसी! कोई डायवर्शन ड्रामा नहीं चलेगा। और सबसे बड़ा धमाका? 500 वर्गमीटर से कम जमीन पर ज्यादा मुआवजा का लॉलीपॉप भी गया!
मान लो, एक एकड़ जमीन का रेट 20 लाख। लेकिन अगर इसे चालाकी से छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दो – बूम! मुआवजा 1 करोड़ तक उछल जाता! क्योंकि बड़े प्लॉट की कीमत अलग, छोटे टुकड़ों की तो बाजार रेट – टैक्स-फ्री कमाई का ‘सुपर फॉर्मूला’! लाखों किसान-मालिक रिच क्विक स्कीम चला रहे थे। लेकिन अब? कैबिनेट का एंटी-फ्रॉड बम फटा! पारदर्शिता की आग लग गई – कोई टुकड़ा-टुकड़ा नहीं, कोई फर्जी डायवर्शन नहीं। मुआवजा कैलकुलेशन अब क्रिस्टल क्लियर, फर्जीवाड़े का बाबा भी फेल!
इस क्रांति से केंद्र की सुपर प्रोजेक्ट्स भारतमाला, रेल लाइनें समय पर दौड़ेंगी, देरी का बहाना खत्म! वित्त एवं आवास पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा अब राज्यभर में मुआवजा फेयर प्ले होगा। घोटालेबाजों को गिफ्ट नहीं, किसानों को न्याय मिलेगा!



