रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से सवाल उठाया है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही कई दवाइयाँ अमानक पाई गई हैं। उन्होंने पूछा कि इन दवाओं की खरीदी क्यों की गई और गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं की गई। ठाकुर ने इसे गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला करार दिया।
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उन्होंने कहा कि अंबेडकर अस्पताल, डीके सुपरस्पेशलिटी, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मोबाइल चिकित्सा यूनिट, आंगनबाड़ी केंद्र और मितानिनों के माध्यम से दी जाने वाली दवाइयाँ अमानक पाई गई हैं। इन दवाओं में 14 महीने से बच्चों को दी जाने वाली क्रीमी दवा, ग्लूकोज, पेरासिटामोल टैबलेट, फिनाइटोइन इंजेक्शन, हेपरिन इंजेक्शन, सेफिट्रएक्सोन पाउडर, प्रमोडल 50 एमजी, प्रोटिमिन इंजेक्शन, एल्बेंडाजोल टैबलेट और प्रेग्नेंसी किट शामिल हैं।
ठाकुर ने कहा कि दवा वितरण के बाद इन्हें प्रतिबंधित किया गया, लेकिन जो मरीज पहले इन दवाओं का सेवन कर चुके हैं, उनके स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित मरीजों को मुआवजा दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली दवाइयाँ पूर्णत: सुरक्षित हों।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन कंपनियों की दवाइयाँ अमानक पाई गई हैं, उनके खिलाफ अपराध दर्ज किया जाए, सप्लायर एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और दवा खरीदी में शामिल अधिकारियों के ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाए।



