रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट (NCRB 2023 report) को लेकर कांग्रेस नेताओं को नसीहत दी है कि इस रिपोर्ट को लेकर प्रदेश को गुमराह करने के बजाय उन्हें आत्ममंथन करने पर ध्यान देना चाहिए। डॉ. मिश्रा ने कहा कि अपनी तत्कालीन सरकार के नाकारापन को रेखांकित करती इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस नेता झूठ फैलाकर अपने अराजकतावादी एजेंडे को आगे बढ़ाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेसियों को भूलना नहीं चाहिए कि यह रिपोर्ट सन 2023 की है और तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी।
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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि एनसीआरबी की नवीनतम रिपोर्ट 2023 के आँकड़ों पर आधारित है, जो हाल ही में जारी की गई है। रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण और चिंताजनक बिंदु सामने आए हैं, जिनमें विभिन्न अपराधों और आकस्मिक घटनाओं में राज्य की स्थिति शामिल है। कांग्रेस को इसके लिए शर्म महसूस करनी चाहिए कि उसके शासनकाल में कानून-व्यवस्था की कैसी भयावह स्थिति बनी हुई थी! प्रदेश में जंगलराज चल रहा था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार के शासनकाल में जैसी परिस्थितियाँ बनी हुई थीं, उसमें अपराध की हर विधा ने छत्तीसगढ़ को अपराध और भ्रष्टाचार का गढ़ बनाने का काम किया। लॉ एण्ड ऑर्डर पर न तो सरकार का ध्यान रहा और न ही पुलिस प्रशासन सत्तावादी संरक्षण के चलते अपराधियों पर कोई सख्त कार्रवाई कर पाया। (NCRB 2023 report)
डॉ. मिश्रा ने कहा कि तत्कालीन भूपेश सरकार का पूरा ध्यान तो केवल पैसों की उगाही पर ही केंद्रित रह गया था और इस काम में समूचा पुलिस प्रशासन झोंक दिया गया था। आज भी कई आईपीएस अधिकारी और पुलिस जवान इसके चलते कानूनी कार्रवाई के शिकंजे में हैं। अपने शासनकाल में कांग्रेस के सत्ताधीशों ने पुलिस को कानून-व्यवस्था के काम से हटाकर दीगर ऐसी करतूतों को अंजाम देने में लगा दिया था, जिसके कारण प्रदेश में हर तरह के अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट इस बात की तस्दीक कर रही है। (NCRB 2023 report)



