जगदलपुर: विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की एक और महत्वपूर्ण रस्म ‘मावली परघाव’ बुधवार रात श्रद्धा और भव्यता के साथ अदा की गई।
मुख्यमंत्री साय ने मंत्रालय में अधिकारियों को दिए सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश
इस रस्म को दो देवियों के मिलन के रूप में मनाया जाता है। जगदलपुर के दन्तेश्वरी मंदिर प्रांगण और कुटरूबाड़ा के समीप परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार इसे संपन्न किया गया।
श्रद्धालुओं का जनसैलाब:
हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक रस्म को देखने के लिए पहुंचे। माईजी की डोली का स्वागत और रस्म का आयोजन पारंपरिक भव्यता के साथ हुआ, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।



