दूरसंचार विभाग (DoT) की प्रमुख डिजिटल सुरक्षा पहल ‘संचार साथी’ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए अब तक 6 लाख से ज्यादा खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। यह सफलता नागरिकों के डिजिटल भरोसे को मजबूत करने और साइबर अपराध से निपटने में तकनीक की ताकत को दर्शाती है।
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‘संचार साथी’ के तहत उपलब्ध ‘Block Your Lost/Stolen Mobile Handset’ सुविधा वास्तविक समय में DoT, टेलीकॉम कंपनियों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस को जोड़ती है। इस सुविधा से नागरिक खोए या चोरी हुए मोबाइल को रिपोर्ट, ब्लॉक, ट्रेस और अनब्लॉक कर सकते हैं। जैसे ही किसी चोरी या खोए मोबाइल में नया सिम लगाया जाता है, तुरंत ट्रेसिंग सिस्टम सक्रिय हो जाता है और नागरिक के साथ-साथ संबंधित थाने को भी सूचना भेज दी जाती है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष जनवरी 2025 में 28,115 मोबाइल बरामद हुए थे, जबकि अगस्त 2025 में यह संख्या बढ़कर 45,243 हो गई, यानी 8 महीनों में रिकवरी दर में 61% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म हर मिनट एक मोबाइल फोन रिकवर करने में मदद कर रहा है।
यह पहल मई 2023 में शुरू हुई थी और अब तक 19 करोड़ से ज्यादा वेबसाइट विजिट और 90 लाख से अधिक ऐप डाउनलोड दर्ज कर चुकी है। संचार साथी ऐप हिंदी, अंग्रेजी और 21 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, ताकि देशभर के नागरिक आसानी से इसका उपयोग कर सकें। इस प्लेटफॉर्म पर अन्य सुविधाएं जैसे संदिग्ध धोखाधड़ी संचार की रिपोर्ट करने के लिए ‘चक्षु’ (Chakshu), सभी सक्रिय मोबाइल कनेक्शन की जानकारी के लिए Know Your Mobile Connections, मोबाइल IMEI जांचने के लिए डिवाइस ऑथेंटिसिटी वेरिफिकेशन, संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय कॉल की रिपोर्टिंग और बैंकों व वित्तीय संस्थानों की सत्यापित संपर्क जानकारी प्रदान की गई है।
वहीं दूरसंचार विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे खोए या चोरी हुए मोबाइल की तुरंत रिपोर्ट संचार साथी पोर्टल या ऐप पर करें और डिजिटल सुरक्षा के लिए उपलब्ध अन्य टूल्स का लाभ उठाएं।



