अगर आप साइंस स्ट्रीम में करियर बनाना चाहते हैं, तो IISER (Indian Institutes of Science Education and Research) आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। IISER में पढ़ाई और रिसर्च का स्तर दुनिया के टॉप संस्थानों जैसा माना जाता है। यहाँ छात्रों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि लैब एक्सपेरिमेंट, रिसर्च और प्रोजेक्ट्स पर काम करने का भी अवसर मिलता है।
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IISER में कौन-कौन से कोर्स हैं?
- मुख्य रूप से BS-MS (डुअल डिग्री) प्रोग्राम कराया जाता है, जिसकी अवधि 5 साल होती है।
- कुछ IISER में Integrated PhD और PhD प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं।
- BS-MS कोर्स उन छात्रों के लिए है, जो फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, मैथ्स और अर्थ साइंस में रिसर्च करना चाहते हैं।
12वीं के बाद ही मौका
- IISER में BS-MS प्रोग्राम सीधे 12वीं पास छात्रों के लिए उपलब्ध है।
- अलग से ग्रेजुएशन करने की आवश्यकता नहीं है।
एडमिशन कैसे मिलता है?
IISER में एडमिशन तीन तरीकों से होता है:
- IISER Aptitude Test (IAT): 12वीं पास छात्रों के लिए मुख्य प्रवेश मार्ग।
- JEE (Advanced) चैनल: JEE एडवांस क्वालिफाई करने वाले छात्र सीधे एडमिशन पा सकते हैं।
- KVPY चैनल: पहले KVPY स्कॉलरशिप वाले छात्रों के लिए, अब वैकल्पिक मान्य टेस्ट स्कोर पर आधारित।
देश में कितने IISER हैं?
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भारत में कुल 7 IISERs हैं: पुणे, कोलकाता, मोहाली, भोपाल, त्रिवेंद्रम, तिरुपति और भुवनेश्वर।
IISER क्यों चुनें?
- रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा।
- लैब एक्सपेरिमेंट और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रिसर्च का अनुभव।
- ग्रेजुएट्स को आगे की पढ़ाई और रिसर्च के लिए दुनिया भर से स्कॉलरशिप और अवसर मिलते हैं।
निष्कर्ष:
IISER में पढ़ाई सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि साइंस में करियर और रिसर्च के बेहतरीन अवसर का द्वार खोलती है। अगर आप विज्ञान में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो IAT 2026 आपके लिए पहला कदम हो सकता है।



