नई दिल्ली/रायपुर। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ तेजी से ताकतवर हो रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 27 अक्टूबर के बुलेटिन के मुताबिक, तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट से बापटला और विशाखापत्तनम के बीच गुजरने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने का अनुमान है।
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चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, चक्रवात के खतरे को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए 53 ट्रेन सेवाएं रद्द करने का फैसला लिया है।
28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ रहा है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार करने की संभावना है। तट के आसपास तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ओडिशा के कुछ जिलों में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
चक्रवात के कारण 53 ट्रेनें रद्द
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए दक्षिण तटीय रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को चलने वाली 53 ट्रेन सेवाओं को रद्द किया है। प्रभावित सेवाओं में आंध्र प्रदेश के विभिन्न स्टेशनों के बीच चलने वाली यात्री और अन्य ट्रेनें शामिल हैं।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच कर लें। यात्रियों की सुविधा और आपात स्थिति से निपटने के लिए रेलवे मुख्यालय तथा मंडलीय स्तर पर 24 घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।
केंद्र सरकार ने तैयारियों की समीक्षा की
चक्रवात से निपटने की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक भी हुई। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मौसम विभाग ने चक्रवात की स्थिति और संभावित प्रभाव की जानकारी दी। संबंधित एजेंसियों को आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
छत्तीसगढ़ में भी मौसम पर नजर
चक्रवात के आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने के बीच छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी नजर रखी जा रही है। हालांकि, प्रदेश के सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी होने या बस्तर संभाग में भारी बारिश की जिलेवार चेतावनी की पुष्टि के लिए IMD का छत्तीसगढ़ संबंधी ताजा बुलेटिन और राज्य सरकार के आधिकारिक निर्देश देखना जरूरी है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय कृषि विभाग की मौसम संबंधी सलाह पर ध्यान दें और कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने के उपाय करें।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान दें।
- तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों से दूर रहें।
- समुद्र में जाने से संबंधित स्थानीय प्रशासन और तटरक्षक बल के निर्देशों का पालन करें।
- ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्री अपनी ट्रेन का अपडेट लेकर ही स्टेशन जाएं।
- आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की मदद लें।
चक्रवात अर्नब की दिशा, गति और संभावित प्रभाव को लेकर मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। अगले कुछ दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के मौसम पर विशेष नजर रहेगी।




