नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम धीरे-धीरे ताकतवर होकर डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। इसके बाद सोमवार तक चक्रवाती तूफान बनने की संभावना जताई गई है। मौसम प्रणाली के उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों की ओर बढ़ने का अनुमान है। इसके प्रभाव से कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में कैसे बना कम दबाव का क्षेत्र?
IMD के विशाखापत्तनम स्थित चक्रवात चेतावनी केंद्र के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बना। इससे पहले इस क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय था, जिसके प्रभाव से यह मौसमी सिस्टम विकसित हुआ।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इसके शनिवार, 24 अक्टूबर को डिप्रेशन में बदलने की संभावना थी। इसके बाद पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए रविवार को डीप डिप्रेशन और सोमवार सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान जताया गया।
आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की आशंका
इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। IMD के अमरावती केंद्र ने 27 और 28 अक्टूबर को अल्लूरी सीताराम राजू, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा, एलुरु, पश्चिमी गोदावरी और एनटीआर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। केंद्र शासित प्रदेश यनम के लिए भी चेतावनी दी गई थी।
मछुआरों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने लोगों और किसानों से संभावित खराब मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की। मछुआरों को समुद्र से लौटने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।
चक्रवाती सिस्टम की दिशा और तीव्रता में बदलाव के साथ बारिश का प्रभाव भी बदल सकता है। ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।




