बिलासपुर। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने सीजीपीएससी भर्ती, सरकारी नौकरियों में कथित गड़बड़ी, बिजली कटौती, महंगाई और बदहाल सड़कों को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।
भूपेश बघेल ने सीजीपीएससी परीक्षा में कथित गलत उत्तरों और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि भर्ती में शिकायतें सामने आने के बावजूद सरकार निष्पक्ष जांच से पीछे क्यों हट रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों की जांच होनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने महंगाई, बेरोजगारी, सड़क, बिजली, बस किराया, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और राशन की कीमतों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने किसानों के एग्रीस्टैक और सर्वर संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया। बघेल ने दावा किया कि प्रदेश में सत्ता विरोधी माहौल है और यदि अभी चुनाव हों तो सत्ताधारी विधायकों के सामने मुश्किल स्थिति होगी।
उन्होंने सड़कों की स्थिति को लेकर भी सरकार पर हमला बोला और कहा कि खराब सड़कों के कारण उपमुख्यमंत्री अरुण साव तक स्कूटी से गिरकर घायल हो चुके हैं। इसके अलावा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के दौरे, बजरंग दल की गतिविधियों और मंत्रिमंडल पुनर्गठन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।
दिल्ली में राहुल गांधी के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए बघेल ने एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने, बैलेट पेपर से चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने ट्रेनों के रद्द होने और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप भी लगाया।




